कैसे छात्रों को लगभग हर टेस्ट की तैयारी करने में मदद कर रहा है चंडीगढ़ स्थित यह स्टार्टअप

By Sampath Putrevu
March 08, 2020, Updated on : Sun Mar 08 2020 07:31:30 GMT+0000
कैसे छात्रों को लगभग हर टेस्ट की तैयारी करने में मदद कर रहा है चंडीगढ़ स्थित यह स्टार्टअप
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

2013 में शुरू किया गया चंडीगढ़ स्थित एडटेक स्टार्टअप Hitbullseye एमबीए उम्मीदवारों को उनके टेस्ट की तैयारी में मदद करता है।

Hitbullseye की टीम

Hitbullseye की टीम



जब 2009 में सामान्य प्रवेश परीक्षा (CAT) ऑनलाइन हुई, तो यह उम्मीदवारों के लिए हंसी का पात्र बन गया। बहुत कम लोगों ने यह अनुमान लगाया था कि ऑनलाइन परीक्षाएं मुख्य धारा में होंगी, और बाद में टेस्ट प्रिपरेशन मार्केट का भी उदय होगा। इस मजबूत विश्वास के साथ कि आने वाला भविष्य ऑनलाइन टेस्ट एजुकेशन और प्रिपरेशन में निहित है, हिरदेश मदन, संजय कुमार, दीपक कुमार, और अतुल गोपाल ने चंडीगढ़ में 2010 के आसपास एक फिजिक्स क्लारूम कोचिंग कंपनी बुल्सआई (Bullseye) की शुरुआत की। टेस्ट प्रिपरेशन्स मॉड्यूल के डिजिटलीकरण पर तीन साल तक काम करने के बाद, उन्होंने बुल्सआई की ऑनलाइन एजुकेशन विंग, हिटबुल्सआई को लॉन्च किया।


वैसे नाम से याद आया, पिछले साल बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'सांड की आँख' जिसे अंग्रेजी में Bullseye कहते हैं, उसने काफी तारीफें बटोरी थीं। इस फिल्म में सांड की आँख का तात्पर्य अपने लक्ष्य के केंद्र पर सटीक निशाना लगाने से है। कुछ ऐसा ही उद्देश्य इस स्टार्टअप का भी है।


XAT, SNAP, NMAT, IIFT, TISS, CMAT, MAT, MH-CET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले MBA प्रिपरेशन डोमेन में सबसे तेजी से बढ़ती टेस्ट प्रिपरेशन कंपनी होने का दावा करने वाली हिटबुल्सआई CLAT, AILET, CSAT, GMAT, GRE, बैंक PO और कैंपस प्लेसमेंट टेस्ट जैसी परीक्षाओं के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी प्रदान करती है।


अब 10,000 से अधिक वेब पेजों के साथ, Hitbullseye का दावा है कि उसकी साइट पर अब तक करीब 90 लाख छात्रों ने विजिट किया है। हिरदेश ने योरस्टोरी को बताया,

“परंपरागत रूप से, यह देखा गया है कि जब भी टेक्नोलॉजी अपनी दिशा बदलती है तो इसमें नए लोग आते हैं और बड़े स्तर पर छा जाते हैं और इसी विश्वास और आत्मविश्वास के साथ, हमने 2013 में एक अलग ऑनलाइन कंपनी शुरू की।"

शुरुआती दिन

2010 के आसपास, इंटरनेट और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण एडटेक मार्केट धीमा था। लेकिन स्मार्टफोन और सस्ती डेटा कनेक्टिविटी के आने के साथ, एडटेक इंडस्ट्री ने 2012-13 के आसपास उठना शुरू कर दिया। स्टार्टअप के सभी सह-संस्थापक IIM कलकत्ता के पूर्व छात्र हैं। Edtech स्टार्टअप Hitbullseye के अलावा, वे K12 स्कूलों, एक प्रकाशन कंपनी और शारीरिक शिक्षा केंद्रों सहित शिक्षा क्षेत्र में कई व्यवसायों की भी देखभाल करते हैं।

द ऑफरिंग

स्टार्टअप के पास एमबीए सेगमेंट के लिए एक पोर्टल है, और यह एमबीए के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को छात्र अधिग्रहण और ब्रांडिंग में भी मदद करता है। Hitbullseye इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस के कोर्स को छोड़कर मुख्य रूप से MBA और +2 स्टूडेंट मार्केट में टेस्ट प्रिपरेशन कोर्स बेचता है।





इसके अलावा, स्टार्टअप एक ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रदान करता है जिसे स्प्रूस फॉर एप्टीट्यूड एंड पर्सनालिटी डेवपलमेंट (Spruce for aptitude and personality development) कहा जाता है, जो बी2बी प्लेर्स द्वारा प्रमुखता से कंज्यूम किया जाता है, लेकिन बी2सी स्पेल में भी इसकी मौजूदगी है। हिरदेश कहते हैं, कंटेंट एक्सपर्ट्स की एक टीम द्वारा डेवलप किया गया है और उनके पास प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दो दशकों से अधिक का अनुभव है।


हिरदेश कहते हैं,

"हम टेक्नोलॉजी और एआई-बेस्ड डेटा एनालिटिक्स के साथ छात्रों को उनकी परीक्षाओं को सर्वोत्तम तरीके से तैयार करने में मदद करते हैं।"

एक बार जब कोई छात्र किसी विशेष पाठ्यक्रम के लिए दाखिला लेता है, तो उसे एक डैशबोर्ड तक पहुंच प्रदान की जाती है, जो विभिन्न विषयों के लाइव और रिकॉर्ड किए गए लेक्चर्स, नॉलेज क्लस्टर्स, ऑनलाइन सेंक्शनल या फुल लेंथ टेस्ट जैसे सीखने की एक विस्तृत सरणी प्रदान करता है।


छात्रों को हर स्टेप पर गाइडलाइन दी जाती है। इसके अलावा उन्हें लेसन लेने के बाद ऑनलाइन टेस्ट अटेम्प्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। परफॉर्मेंस वैल्युएशन और फीडबैक के लिए, टेस्ट एनालिटिक्स एक एआई-बेस्ड इंजन पर चलता है। पहले दिन से बूटस्ट्रैप्ड, स्टार्टअप अगले दो वर्षों में बाहरी धन जुटाने की तलाश कर रहा है। इसके कुछ क्लाइंट्स में नरसी मोनजी, थापर युनिवर्सिटी, एलपीयू और यूबीएस जैसे कॉलेज शामिल हैं। 

बाजार परिदृश्य

हिरदेश कहते हैं कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में, स्टार्टअप ने अपने राजस्व को 80 प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़ते देखा है, और वित्त वर्ष 2015 के अंत तक राजस्व में 4.5 करोड़ रुपये देखने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी ब्रेक-इवन की स्थिति में आ जाएगी। यानी कंपनी को अगर मुनाफा नहीं होगा तो उसे घाटा भी नहीं होगा। स्टार्टअप 10-दिन के सब्सक्रिप्शन के लिए 249 रुपये का शुल्क लेता है, जो कैट, लॉ और बीबीए के ऑनलाइन क्लासरूम कोर्स के लिए 30,000 रुपये तक जा सकता है। यह कैंपस प्लेसमेंट ट्रेनिंग में बी2बी ऑफरिंग प्रोवाइड करता है, जहां पूरे बैच को ट्रेनिंग कोर्स दिया जाता है। Hitbullseye एमबीए कॉलेजों के लिए ब्रांडिंग रणनीति भी पेश करता है, जिससे अलग से रिवेन्यू आता है।





अगर चुनौतियों की बात करें तो चंडीगढ़ जैसे टियर II शहर में होने के कारण, टेक्नोलॉजी और बुनियादी सुविधाओं को अपनाने के दौरान स्टार्टअप को कुछ परेशानी हुई। केपीएमजी और गूगल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एडटेक मार्केट 2021 तक $1.96 बिलियन को छू सकता है। एडटेक स्पेस में छोटे स्टार्टअप्स की एक सीमा के अलावा, बड़े ब्रांड द्वारा कुछ प्रमुख कदम भी उठाए गए हैं।


रिलायंस इंडस्ट्रीज ने edtech AI प्लेटफॉर्म Embibe में 72.69 प्रतिशत हिस्सेदारी $180 मिलियन में ली। रोनी स्क्रूवाला द्वारा सह-स्थापित ऑनलाइन हायर-एजुकेशन प्लेटफॉर्म UpGrad ने IIIT बैंगलोर और कैम्ब्रिज जज बिजनेस स्कूल जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की है। एडटेक युनिकॉर्न बायजूस अब यूनीक लर्निंग जर्नी, एक्शनेबल फीडबैक, रिकमंडेशन्स, और डाइडेड पाथ ऑफर कर रहा है। इसके अलावा टेस्ट प्रिपरेशन स्पेस में मैट्रिक्स पार्टनर्स-समर्थित टेस्टबुक भी है।

भविष्य की योजनाएं

हिरदेश का कहना है कि फोकस क्षेत्र बी2सी कोर्स की बिक्री पर होने जा रहा है क्योंकि टीम ने पहचान की थी कि यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है। जब टीम ने अपनी यात्रा शुरू की, तो उनका ध्यान बतौर प्रोडक्ट प्रिपरेशन को बेचने पर था, लेकिन पिछले दो वर्षों में बतौर प्रोडक्ट सर्विस को बेचने के लिए तैयार हुआ है।


वे कहते हैं,

“हम इनोवेशन और AI- आधारित लर्निंग लॉजिक्स लाने पर भी काम कर रहे हैं। परंपरागत रूप से, हमारी इंडस्ट्री में मार्केट्स के प्लेयर्स को एक विषय को पढ़ाने के बाद प्रश्नों को हल करके अप्रत्यक्ष रूप से कोचिंग से संबंधित किया गया है। हम एक ऐसे मॉडल को देख रहे हैं जहां हर प्रश्न को किसी विशेष तर्क या अवधारणा के साथ व्यक्तिगत रूप से चिह्नित किया जाता है।"

उन्होंने आगे कहा कि टीम बहुत देर से 'डेटा टैगिंग' कर रही है और एक नया तकनीकी-सक्षम लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है।