फटाफट पढ़ें इस हफ्ते की टॉप 5 स्टोरीज़

By yourstory हिन्दी
April 25, 2020, Updated on : Mon Apr 27 2020 04:39:14 GMT+0000
 फटाफट पढ़ें इस हफ्ते की टॉप 5 स्टोरीज़
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इधर हम आपके सामने बीते हफ्ते की कुछ टॉप स्टोरीज़ पेश कर रहे हैं, जिन्हे आप स्टोरीज़ के साथ दिये गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से भी पढ़ सकते हैं।

पढ़ें बीते हफ्ते की कुछ टॉप स्टोरीज़

पढ़ें बीते हफ्ते की कुछ टॉप स्टोरीज़



सफलता की चाह किसी नहीं होती है, लेकिन सफलता को हासिल करने के लिए आपको कई चीजों का पालन करना होता है। आपके हौसले के साथ ही आपका टाइम मैनेजमेंट ये सब आपको सफलता के मुकाम तक पहुंचाने वाली सीढ़ियाँ हैं, ऐसी ही कुछ कहानियाँ हमने बीते हफ्ते प्रकाशित कीं, जो आपको जरूर पढ़नी चाहिए।


नीचे हम उन कहानियों के साथ ही कुछ अन्य रोचक और जरूरी स्टोरीज़ को भी संक्षेप में आपके सामने पेश कर रहे हैं। आप इन स्टोरीज़ के साथ दिये गए लिंक पर क्लिक कर इन्हे विस्तार से भी पढ़ सकते हैं।

सफलता तक का सफर

देव चौधरी, आईएएस अफसर

देव चौधरी, आईएएस अफसर



राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर के एक गाँव से निकल कर आईएएस बनने तक का देव चौधरी का सफर असफलताओं के जरिये सफलता तक का रोचक और प्रेरणादायक सफर है। देव ने बचपन में आईएएस बनने का सपना देख रखा था और समय के साथ इसी सपने को पूरा करने के रास्ते पर वे निरंतर आगे बढ़ते गए।


2012 में आईएएस की परीक्षा पहली बार देने वाले देव को आईएएस में सफलता 2015 में मिली। इन सालों में असफलताओं ने देव को सिर्फ आगे बढ़ने की प्रेरणा ही दी। यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना देख रहे युवाओं को देव की यह कहानी जरूर जाननी चाहिए।

बना लिया मिनी ICU

रंजना नायर, आराधना कन्नन अम्बिली और सांची पूवया

रंजना नायर, आराधना कन्नन अम्बिली और सांची पूवया



कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के साथ सबसे अधिक खतरा उन डॉक्टरों को उठाना पड़ रहा है जो कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन तीन महिला इंजीनियरों रंजना नायर, आराधना कन्नन अम्बिली और सांची पूवया एक ऐसे समाधान का निर्माण किया है, जिससे इन सभी डॉक्टरों को इस दौरान अधिक सुरक्षित रखा जा सकता है।


इस खास मिनी ICU के बारे में आप इधर पढ़ सकते हैं। इस डिवाइस को एआई और IoT जैसी तकनीकों के माध्यम से तैयार किया गया है। इस बारे में बात करते हुए रंजना कहती हैं,

“कोविड -19 एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो श्वसन पथ पर आक्रामक रूप से हमला करता है। यह स्पष्ट है कि एक रिमोट ट्रैकिंग प्रणाली आज के समय की मांग है।”

यह खास डिवाइस अब बाज़ार में आ चुकी है, जिसकी कीमत 20 हज़ार रुपये हैं।

टाइम मैनेजमेंट है सफलता की चाभी

विनीत मल्होत्रा

विनीत मल्होत्रा



पेशे से तो विनीत एक टीवी एंकर हैं, लेकिन उन्होने कई बड़ी एड फिल्मों में काम करने के साथ ही म्यूजिक पर भी अपनी पकड़ बनाई हुई है। विनीत एक अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड विनिंग म्यूजिशियन भी हैं और फिलहाल वे अपनी एक किताब पर काम कर रहे हैं जो जल्द ही लोगों के सामने आ जाएगी।


पत्रकारिता के पेशे में रहते हुए इतना सब कर पाने का श्रेय विनीत अपने समय प्रबंधन को देते हैं, वे कहते हैं,

"इंसान अगर समय की कद्र करना नहीं सीखेगा, व्यवस्थित तरीके से उसे मैनेज नहीं करेगा तो उसकी ग्रोथ एक सीमित समय पर आकर रुक जायेगी, इसलिए सबसे पहले ज़रूरी है वक्त का सही तरह से इस्तेमाल।"

विनीत की सफलता का क्या राज़ है, इसे जानने के लिए विनीत का यह सकारात्मक्ता से भरा इंटरव्यू आप इधर देख सकते हैं।

फिर से इस्तेमाल करें N-95 मास्क

सांकेतिक चित्र

सांकेतिक चित्र



कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के साथ ही दुनिया भर में N-95 मास्क की मांग बेहद तेजी से बढ़ी है। अधिक मांग होने के चलते ये मास्क अब आम बाज़ारों में बड़ी मुश्किल से लोगों को मिल रहे हैं, लेकिन अगर आपके पास यह मास्क पहले से ही मौजूद है तो आप सुरक्षित तरीके से इस मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बना सकते हैं।


इन मास्क का इस्तेमाल दोबारा कैसे करना है यह आप यहाँ जान सकते हैं। इन मास्क को कुछ खास तरीकों से ही साफ किया जा सकता है, नहीं तो ये मास्क किसी उपयोग के नहीं रहेंगे और आपको इन्हे फेंकना पड़ेगा।

लॉकडाउन में मनोरंजन का हाल

लॉकडाउन के बाद वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ट्रैफिक बढ़ा है।

लॉकडाउन के बाद वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ट्रैफिक बढ़ा है।



लॉकडाउन के इस समय में कई उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है, लेकिन मनोरंजन उद्योग पर इसका मिला जुला असर देखने को मिला है। एक ओर इस दौरान गेमिंग और OTT प्लेटफॉर्म की चाँदी हो गई है तो वहीं दूसरी ओर मनोरंजन के पारंपरिक साधनों को काफी मुश्किलों का समान करना पड़ा है।


यह खास रिपोर्ट आप इधर पढ़ सकते हैं। नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म के सब्सक्राइबर बेस में भी बढ़त दर्ज़ की गई है, जबकि टीवी चैनल्स के लिए कंटेन्ट की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।