इन दो बहनों ने थियोब्रोम से की उद्यमशीलता की शुरुआत, बेकिंग इंडस्ट्री के लिए बनीं मिसाल

26th Mar 2020
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यदि आपने थियोब्रोमा से ब्राउनी नही खाया है तो आप देश के सबसे लोकप्रिय डेजर्ट में से एक को खाने का मौका चूक गए हैं। वैसे क्या आप जानते हैं कि ब्राउनी की रेसिपी को कोलाबा के एक छोटे से किचन में तैयार किया गया था और इसे फाउंडर्स कैनेज मेसमैन हरचंद्राई और टीना मेसमैन व्येक ने अपने पड़ोसी के अनुरोध पर बनाया था।


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थियोब्रोमा की शुरुआत काफी छोटी रही थी और यह एक डॉक्टर के एक छोटे से क्लीनिक से शुरू होकर आज 50 आउटलेट वाले एक चेन और लाखों-डॉलर के वेंचर में बदल गया है। मेसमैन बहनों की बेकिंग ए ड्रीम नाम से एक किताब आने वाली है, जिसमें उन्होंने अपने रिटेल चेन शानदार ग्रोथ के बारे में विस्तार से बताया है। इसके अलावा यह किताब परिवार के सदस्यों के साथ बिजनेस करने से जुड़ी चुनौतियों को भी अच्छे से बताती है।


यह कहा जा सकता है मेसमैन बहनों के खून में ही बिजनेस था, लेकिन थियोब्रोम को नई ऊचाईयों पर पहुंचाना इतना आसान नहीं था। ऐसे में यह किताब दूसरे उद्यमियों को अपना बिजनेस शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में भी कार्य करती है।


योरस्टोरी को दिए एक इंटरव्यू में कैनेज मेसमैन हरचंद्राई ने अपनी किताब, थियोब्रोम, बिजनेस को लेकर दोनों बहनों के अनुभव और अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर बात की।


YourStory: क्या आप हमें बता सकते हैं कि आपकी पुस्तक कैसे आई?

कैनेज मेसमैन हरचंद्राई: मुझसे कई बार रेसिपी बुक लिखने के लिए कहा गया था। पहली बार जब मुझसे यह कहा गया तो मैंने इसके बारे में थोड़ा सोचा, लेकिन फिर मैंने यह तय किया कि मैं यह नहीं करना चाहती हूं। कुछ साल पहले, एक छोटे प्रकाशक ने मुझे अपनी कहानी लिखने के लिए कहा। यह नया और दिलचस्प था। हमें अपनी यात्रा का कलमबद्ध करने और अपने बच्चों को पढ़ने के लिए एक संस्मरण बनाने का विचार अच्छा लगा। हालांकि तब यह किताब नहीं लिखी जा सकी।


2018 में, हमसे हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया ने संपर्क किया गया था और हमारे पास पहले से ही उनके साथ साझा करने के लिए एक रूपरेखा तैयार थी। वे उत्साही, ऊर्जावान, और किसी काम को करने के लिए तत्पर रहते थे। इसके बाद इस योजना पर फिर से काम शुरू हुआ और हमने लिखना शुरू कर दिया। हमें उम्मीद है कि पुस्तक सुखद और प्रेरणादायक होगी और भारत में एक बिजनेस चलाने के लिए जो करना होता है, उसका यह एक ईमानदार इतिहास प्रस्तुत करेगी।





YS: जब आपने 2004 में इसे शुरू किया था, तो क्या आपने कभी सोचा था कि यह बिजनेस इतना सफल होगा?

KMH: हमने एक छोटे से आउटलेट, उम्मीदें और प्रार्थना के साथ इसकी शुरुआत की थी। हमें तब नहीं पता था कि हमें इससे क्या उम्मीदें है या फिर हम बिजनेस शुरू करने की लागत भी वसूल पाएंगे या नहीं। हमारे पास एक आउटलेट चेन या कोई साम्राज्य बनाने का मास्टर प्लान नहीं था।


हम इस यात्रा पर इस सहमति के साथ निकले थे कि हम वहीं बनाएंगे, जो हम खुद खाना पसंद करते हैं। हमने इसे अच्छे तरीके से और सरल बनाए रखने का वादा किया था। हमारे साथ हमारा बिजनेस भी आगे बढ़ा है, लेकिन हमने इसे लेकर कोई खाका नहीं बनाया था।


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YS: कैनेज और टीना बिजनेस में किस तरह ताकत लाती हैं? आप दोनों में कितनी समानता है या आप दोनों कितने अलग हैं?

KMH: हम दोनों एक ही सांचे से ढले हैं, लेकिन कई मामलों में हम इससे अलग नहीं हो सके थे। हम एक जैसे दिखते हैं, हमारा स्वाद भी एक जैसा है। दरअसल हम दोनों एक ही पृष्ठभूमि में पले-बढ़े हैं, इसलिए ये समानता है। सबसे अहम यह है कि हम अपने उत्पादों से प्यार करते हैं; हमें फूड पंसद है और हमें इसे शेयर करना लोगों को परोसना अच्छा लगता है। मैं रचनात्मक इंसान हूं, सपने देखना पसंद करती हूं, और रसोई में समय बिताना काफी पसंद करती हूं। टीना व्यवस्थित, तार्किक और तथ्यात्मक है। मैं अक्सर यथास्थिति से खुश रहती हूं; टीना हमेशा नए विचार का पीछा करती रहती है।


YS: जब आपने बिजनेस की शुरुआती परेशानियों की बात की तो आपने हायरिंग को लेकर भी बातें कीं। यह कितना मुश्किल था, और अंत में क्या ऐसे लोगों को हायर कर पाईं जो आपकी उम्मीदों पर खरे उतरें?

KMH: हमने अपने सफर में कई गलतियां कीं। इस सूची में सबसे ऊपर कई गलत लोगों की हायरिंग करना है। हमारे पास हायरिंग का कोई अनुभव नहीं था, हम रोजाना के कार्यों से ही घिरे हुए थे, और हमें यह समझ नहीं पाए कि अच्छे लोगों की खोज करना कितना महत्वपूर्ण है। शुरुआती दिनों में जो भी हमारे पास काम मांगने आता था, हम उसी को रख लेते थे।


YS: हालांकि आपको सीईओ के तौर पर नियुक्त करने से पहले बिजनेस को परिवार ही चलाता था। ऐसे में बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए उसमें बदवाल लाना कितना आसान या कठिन था?

KMH: हमारे सीईओ के सामने हमारी सोच को बदलने, प्रक्रियाओं और नियंत्रणों को स्थापित करने और हमें ग्रोथ के लिए तैयार करने का मुश्किल काम था। काम करने के लिए काफी कुछ था और सबसे कठिन यह था कि शुरुआत कहां से की जाए। हमने एक परिवार के तौर पर, नियंत्रण को कम करने, अपनी टीम पर भरोसा करने, बड़े उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करने और हर मिनट किए जाने वाले कार्यों और फैसलों से खुद को दूर करने के बारे में सीखना पड़ा ।





YS: आपके आउटलेट्स के खुलने के पहले दिन ही सारे प्रॉड्कट बिक गए थे। ऐसे में अपने उत्पादों के लिए लोगों की अपेक्षाओं को बनाए रखना कितना आसान या कठिन था?

KMH: हमें लोगों से जो प्रतिक्रिया मिली, उससे हम अभिभूत थे। हम अपने उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर आज भी उतने ही भावुक हैं, जितना बिजनेस शुरू करने के पहले दिन थे। हमें कई बार निराशा भी हाथ लगी है,, लेकिन हमने इस मौके का इस्तेमाल अपनी गलतियों से सीखने के लिए किया। उम्मीदें काफी अधिक थीं और वे अभी भी हैं; यह हमें अपने पैर की उंगलियों को जमीन पर बनाए रखने और काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।


YS: कंपनी के शुरुआती संस्थापकों में से अधिकांश महिलाएं हैं। इसमें आप, टीना, और आपकी मम्मी शामिल हैं। आप लोगों ने बिजनेस का ऐसे क्या खास दिया, जो यह इस ऊंचाई पर पहुंचा?

KMH: मम्मी का बिजनेस पर और हमारे ऊपर सबसे अधिक असर था। वह पूरा मन लगाकर काफी कड़ी मेहनत करती हैं। मम्मी काफी अच्छा खाना बनाती हैं और वह बेहद ईमानदार है। मम्मी हमारे मेहमानों के साथ विनम्रतापूर्वक पेश आती हैं और हमारे स्टाफ का सम्मान करती है। यह सब हमने मम्मी को देखकर सीखा है; उन्होंने हमें उपदेश नहीं दिया, लेकिन उन्होंने बस हमें कोई और रास्ता नहीं दिखाया।


YS: आपकी सबसे अच्छे और बुरे पल कौन से रहे हैं?

KMH: हम कई कठिन समय से गुजरे हैं । कई बार हमारे यहां चोरी हुई है, हमारी रसोई में बाढ़ आ गई थी, किसी नए जगह पर जाने से पहले ही हम अपने पुराने किचन में काम काफी बढ़ा लेते थे; हमें धमकियां दी गई है और डराया गया है।


हालांकि कई मौकों पर हमें गर्व भी हुआ है जब एक मां हमारे पास आकर कहती है कि मेरा बेटा बीमार है और वो सिर्फ यही का प्रॉडक्ट खाएगा। हमने देखा है कि हमारे कुछ कर्मचारी न सिर्फ पेशेवर रूप से विकसित हुए हैं, बल्कि हमारे साथ जुड़ने से उनके जीवन में भी बदलाव आया है।


YS: पंद्रह साल बाद हो चुके हैं। आप दोनों अपने सफर को व्यक्तिगत और पेशेवर रूप कैसे देखती हैं? बिजनेस की ग्रोथ के साथ आपने व्यक्तिगत रूप से कैसे ग्रोथ हासिल की है?

KMH: मैं 25 साल की उम्र में सभी का बॉस बनने के लिए तैयार नहीं थीं। मैं अपने सामने मौजूद कार्यों के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थी। मेरे पास लोगों का नेतृत्व करने की परिपक्वता और कौशल नहीं थी; मैंने इन सालों में एक बेहतर लीडर और एक अच्छा इंसान बनना सीखा है ।





YS: थियोब्रोम को लेकर आप दोनों में काी जज्बा है। ऐसे में काम और व्यक्ति जीवन के बीच संतुलन कैसे बनाती हैं?

KMH: हम इस कंपनी से और अपने काम से काफी प्यार करते हैं। यह हमारे काम को सुखद और फायदेमंद बनाता है। हम कई घंटों तक काम में लग रहते हैं, लेकिन यह प्यार वाला श्रम है। हमारे पास एक काफी अच्छी टीम है जो हमें सहयोग करती है। हम सब कुछ खुद नहीं करते हैं; इससे हम अपना काम करने और परिवार के साथ वक्त बिताने का मौका मिलता है।


YS: इन 15 वर्षों में, आपके निर्णायक क्षण क्या रहे हैं?

KMH: अगर अहम निर्णायक पलों की बात करें तो


सीईओ के तौर पर नियुक्ति, जिससे एक मॉम-एंड-पॉप दुकान की जगह एक पेशेवर कंपनी चलाने के सफर की शुरुआत हुई।


हमारी पैकेजिंग और आउटलेट्स की डिजाइनिंग एल्सी नानजी द्वारा किया जाना। भारत की डिजाइन क्वीन का हमारे उत्पादों को लपेटना और हमारे आउटलेट्स को खूबसूरत बनाने के अलग अनुभव है।


प्राइवेट इक्विटी फंडिंग। इसने हमारी कंपनी के लिए एक मूल्य स्थापित किया और हमें विशेषज्ञता और विचारों तक पहुंच प्रदान की जो उस समय तक हमारे पास उपलब्ध नहीं थे।


YS: थियोब्रोम में आपकी व्यक्तिगत पसंदीदा क्या हैं और क्यों?

KMH: मेरा पसंदीदा उत्पाद बदलता रहता है (कुछ हद तक)। फिलहाल मेरा पसंदीदा स्ट्रॉबेरी टार्ट है। हम अच्छे और स्वादभरे स्ट्रॉबेरी काफी कम समय के लिए और इसी सीजन में मिलते हैं, यह फिलहाल खाने के लिए मेरी सबसे पसंदीदा चीज है। मुझे ग्लैजड फल, वनिला कस्टर्ड, ऑलमंड फ्रैजिपेन और कुरकुरा मक्खन पेस्ट्री टार्च बहुत पसंद है; यह भी उतना ही आकर्षक और स्वादिष्ट है।


YS: देश में बड़ी संख्या में मौजूद उन महिला बेकरों को आपकी क्या सलाह है जो अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं?

KMH: ग्रोथ हासिल करने से पहले ग्रोथ की तैयारी करें। यह करना अविश्वसनीय रूप से काफी कठिन है; आप अपने बिजनेस को जिस ऊंचाई तक ले जाना चाहते हैं,उसकी तैयारी के लिए आपको समय और संसाधनों का निवेश करना होगा। एक खूबसूरत कंपनी बनाने के लिए आपको एक मजबूत आधार की जरूरत होती है। ऐसे में आप प्लांट्स, प्रक्रियाओं, नियंत्रण, लोगों में निवेश करें।


YS: आपकी भविष्य की क्या योजनाएं हैं?

KMH: वर्तमान में हमारे मुंबई, पुणे, दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव में 52 आउटलेट हैं। 2020 में हमें हैदराबाद और बेंगलुरु में आउटलेट खुलने की उम्मीद है। हमने अगले तीन वर्षों अंदर 100 आउटलेट खोलने का लक्ष्य बनाया है। टीना हमारी किताब पर एक फिल्म बनने की उम्मीद कर रही है, और मैं एक कैरेबियन-शैली की ओल्ड मॉन्क रम केक का सपना देख रही हूं।


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